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Agra News: सप्त शक्ति संगम से नारी शक्ति का आह्वान: आत्मनिर्भर बेटियां बनेंगी सशक्त भारत की सबसे बड़ी ताकत

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आगरा: के सरस्वती विद्या मंदिर, तहसील मार्ग में आयोजित सप्त शक्ति संगम के द्वितीय कार्यक्रम में महिलाओं की सशक्त भूमिका, स्वास्थ्य, मातृत्व और नारी शक्ति पर विस्तार से विचार रखे गए। मुख्य अतिथि भावना वरदान शर्मा ने कहा कि जब बच्चियां आत्मनिर्भर बनेंगी और अपने निर्णय स्वयं लेंगी, तभी सशक्त समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।

Sapt Shakti Sangam women empowerment program at Saraswati Vidya Mandir Agra

सरस्वती विद्या मंदिर, तहसील मार्ग आगरा में सप्त शक्ति संगम का द्वितीय कार्यक्रम भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अलका सेन ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध लेखिका एवं वरिष्ठ समाजसेविका भावना वरदान शर्मा उपस्थित रहीं, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में समाजसेविका बबीता पाठक ने अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की शिक्षिकाओं, छात्राओं तथा बड़ी संख्या में अभिभावकों की सहभागिता रही।

मुख्य अतिथि भावना वरदान शर्मा ने अपने संबोधन में नारी शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाओं को वर्तमान समय में अपनी शक्तियों को पहचानकर सशक्त बनना होगा। उन्होंने कहा कि स्त्री परिवार, समाज और राष्ट्र का केंद्र है। बच्चियां जब आत्मनिर्भर बनेंगी और अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेंगी, तभी एक सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव हो पाएगा। 

Students performing cultural program at Sapt Shakti Sangam in Agra

उन्होंने भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता” भारत की मूल भावना रही है, जिसे आज के समय में फिर से जीवंत करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” के विचार को आगे बढ़ाने पर बल दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. अलका सेन ने कहा कि मातृत्व ईश्वर का अनमोल वरदान है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आधुनिक समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि नवयुवतियां समय पर गर्भधारण करें, अपने शिशुओं का लालन-पालन और देखरेख स्वयं करें तथा उन्हें दुग्धपान अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि जब महिला स्वस्थ होगी तभी एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

इसके लिए महिलाओं को समय-समय पर मेडिकल चेकअप कराना चाहिए, खानपान में स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए और स्वयं तथा अपने परिवार को पौष्टिक भोजन देना चाहिए। उचित आहार और नियमित जीवनशैली को उन्होंने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बताया।

मुख्य वक्ता बबीता पाठक ने कहा कि सप्त शक्ति संगम जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को जागरूक, संगठित और सशक्त बनाना है, ताकि वे अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचान सकें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। इसके साथ ही छात्राओं ने रानी पद्मावती एवं इतिहास की अन्य वीरांगनाओं के रूप में वेशभूषा धारण कर उनके शौर्य, त्याग और व्यक्तित्व का प्रभावशाली चित्रण किया, जिससे वातावरण देशभक्ति और नारी सम्मान की भावना से ओतप्रोत हो गया।

इस अवसर पर विद्यालय की सभी शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर शिशु वाटिका प्रभारी शशि शर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षिकाओं, अभिभावकों और सहभागियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।

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