आगरा। रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्यों ने बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान निर्दोष दीपू दास की हत्या और मोब लिंचिंग की घटना पर रोष जताया गया। सदस्यों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
1971 के इतिहास का हवाला देकर जताई चिंता
वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1971 में भारत ने पूर्वी पाकिस्तान को इस्लामिक अत्याचार से मुक्त कराने में सहयोग किया था, लेकिन आज उसी बांग्लादेश में फिर से बर्बरता की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा आवश्यक है।
केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग
रिवर कनेक्ट अभियान के सदस्यों ने भारत सरकार से बांग्लादेश में हो रही घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी कदम उठाकर अत्याचारों को रुकवाए और वहां लोकतंत्र की बहाली सुनिश्चित कराने के प्रयास करे।
कई सदस्य रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में देवाशीष भट्टाचार्य, नंदन श्रोत्रिय, चतुर्भुज तिवारी, मुकेश चौधरी, मनोज गुप्ता, अजय चौहान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी।