आगरा। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था माधुर्य द्वारा 1 जनवरी 2026 को दयालबाग स्थित कार्यालय पर काव्य रसधार से नववर्ष का स्वागत किया गया। इस अवसर पर शहर के नए और पुराने कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम में गीत, गजल, लोकगीत और प्रेरक कविताओं का समागम हुआ और नववर्ष की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया गया।
माधुर्य संस्था द्वारा दयालबाग स्थित कार्यालय पर नव वर्ष के स्वागत में आयोजितकाव्य गोष्ठी में उपस्थित आगरा के नए-पुराने कवि- साहित्यकारकविता के सुरों में गूँजी आशा और संवेदना
कार्यक्रम की शुरुआत माधुर्य की संस्थापक निशि राज ने अपने प्रेरक गीत “घना कोहरा जो छाया है, छँटेगा एक दिन ए दोस्त…” से की। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया। गीतकार कुमार ललित, डॉ. केशव शर्मा, डॉ. राजेंद्र मिलन और रमा वर्मा श्याम सहित कई कवियों ने गीत, गजल और लोकगीत प्रस्तुत किए। काँची सिंघल ओस ने गजल से माहौल को भक्तिमय बना दिया। ब्रज बिहारी लाल बिरजू, यशोयश, श्रुति सिन्हा और राम अवतार जी ने भी अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया।
संस्कृति की सेवा से राष्ट्र की सेवा
माधुर्य संस्था की स्थापना 7 वर्ष पूर्व आगरा की कवयित्री और गायिका निशि राज एवं उनके पति राजकुमार जैन ने की थी। यह सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था बिना किसी आर्थिक सहयोग के निरंतर साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में नये आयाम रच रही है। हर वर्ष नवोदित कवियों और युवा कलाकारों को मंच प्रदान किया जाता है। संस्था का उद्देश्य स्पष्ट है। संस्कृति की सेवा से राष्ट्र की सेवा करना।
कार्यक्रम में आदर्श नंदन गुप्त, इंदल सिंह इंदु, रामेंद्र शर्मा, आचार्य उमाशंकर, दीपक श्रीवास्तव एवं नन्द नंदन गर्ग की रचनाओं को भी हृदय से सराहा गया। सभी ने माना कि इस तरह की कवि गोष्ठियाँ राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देती हैं।
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