जानकारी के अनुसार, फतेहपुर सीकरी क्षेत्र निवासी रवि को 14 दिसंबर को बाइक चोरी के शक में सादा वर्दी में आए पुलिसकर्मियों ने कार से उठाया। रवि का कहना है कि वह अपनी बाइक साफ करवाने गया था, तभी कार सवार लोगों ने उसे जबरन पकड़ लिया।
विरोध करने पर मारपीट की गई और थाने ले जाकर पूछताछ की गई। उसे न तो परिवार को सूचना देने दी गई और न ही गिरफ्तारी का कोई कागजी रिकॉर्ड बताया गया। बाद में पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। रवि ने थाने में हुई पिटाई का वीडियो भी वायरल किया है।
दूसरा मामला अछनेरा थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव का है। यहां 21 दिसंबर को हरदेवी के घर एक बिना नंबर की ब्रेजा कार आई। कार सवार लोगों ने उनके बेटे सोनेश के बारे में पूछताछ की। बेटे के घर पर न होने पर उसका मोबाइल नंबर लिया गया।
इसके बाद सोनेश को फोन कर रायभा पुल पर बुलाया गया और वहां से जबरन कार में बैठाकर ले जाया गया। घटना के गवाहों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। जब थाने से कोई जानकारी नहीं मिली तो परिवार ने अछनेरा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
पीड़िता मां का आरोप है कि सोनेश को थाने में पीटा गया और उस पर बाइक चोरी कबूल करने का दबाव बनाया गया। बताया गया कि पुलिसकर्मी बिना वर्दी के थे और बदमाशों की तरह बेटे को उठाकर ले गए।
सोनेश का कहना है कि थाने में उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और पूरे परिवार को कुकथला चौकी पर बैठाए रखा गया। शिकायत न करने के लिए दबाव भी बनाया गया। मामले के सामने आने के बाद युवक को छोड़ दिया गया। आरोप है कि इसके बाद भी परिवार पर समझौते का दबाव बनाया गया।
मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है और न ही किसी ने लिखित शिकायत दी है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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