आगरा। अमेरिका के लास वेगास निवासी एनआरआई स्वामी अनल और उनकी सहयोगी माता मधु द्वारा चलाई जा रही “सनातन संपर्क यात्रा” का आज आगरा में उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। यह यात्रा 2 अक्टूबर को प्रयागराज के श्री चंद्रशेखर आज़ाद पार्क से शुरू हुई थी।
और प्रदेश के 76 जिलों के प्रमुख मंदिरों में यज्ञ कर राष्ट्रहित का संकल्प दिलाने का उद्देश्य रखती है। आज यह यात्रा आगरा के सिकंदरा स्थित अनुपम शिव मंदिर, अनुपम ग्रीन्स कॉलोनी में पहुंची, जहां आगमन पर उनका पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया।
स्वामी अनल और माता मधु पिछले दो दशकों से अमेरिकन हिंदू एसोसिएशन के माध्यम से अमेरिका में रहकर सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में कार्यरत हैं। महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज में लगभग एक माह के प्रवास के बाद उनके मन में यह संकल्प जागृत हुआ कि पूरे प्रदेश के मंदिरों में यज्ञ करके देश की खुशहाली की प्रार्थना की जाए और जनसंपर्क के माध्यम से हिंदू संस्कृति तथा परिवारों में आ रहे विकारों पर जागरूकता फैलाई जाए।
यात्रा प्रभारी और आयोजन संयोजक डॉ. दिवाकर तिवारी तथा उनकी धर्मपत्नी ऋचा तिवारी ने आगरा में उनका स्वागत किया। इस दौरान आयोजित सत्संग में स्वामी अनल ने कहा कि विदेशों में पाश्चात्य समाज परिवार की अवधारणा को नहीं समझता, लेकिन यह देखकर दुख होता है कि आज सनातन परिवारों में भी विघटन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन वृद्धाश्रमों में जाने को मजबूर हैं।
पारिवारिक रिश्ते कमजोर होते जा रहे हैं और सोशल मीडिया पर बढ़ रही अश्लीलता ने युवाओं और बच्चों तक के आचरण को प्रभावित किया है। अवैध संबंधों, नैतिक पतन और परिवार में बढ़ते तनाव को उन्होंने विदेशी संस्कृति के दुष्प्रभाव बताया।
स्वामी अनल ने कहा कि भौतिक संसाधनों की होड़ ने समाज में भ्रष्टाचार को बढ़ाया है और नैतिक मूल्य पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने बच्चों को मोबाइल के दुष्प्रभाव से बचाने पर जोर दिया और कहा कि समाज को पहले खुद सुधारना होगा तभी अगली पीढ़ी सुधरेगी। उन्होंने गौमाता की दुर्दशा पर चिंता जताई और कहा कि समाज को ‘गौ रक्षक’ और ‘गौ भक्षक’ के अंतर को समझते हुए एकजुट होना होगा।
उन्होंने संत समाज से भी आह्वान किया कि वे अपनी कथाओं और प्रवचनों में समाज में बढ़ रहे विकारों पर चर्चा करें। यात्रा संयोजक डॉ. दिवाकर तिवारी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान स्वामी अनल के साथ उनके लंबे प्रवास ने उन्हें समझाया कि वे समाज के क्षरण से अत्यंत दुखी हैं और इसी कारण 72 वर्ष की आयु में भी इतनी लंबी और कठिन यात्रा कर रहे हैं।
आईएमए आगरा के प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ. हरेंद्र गुप्ता ने कहा कि हमें अपने माता-पिता की सेवा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में सक्रिय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका से आए स्वामी अनल देश को जागृत करने के लिए प्रयास कर सकते हैं, तो यहां के नागरिक क्यों नहीं?
स्वामी अनल ने आगरा में दिव्य हवन सम्पन्न कराया, जिसमें बड़ी संख्या में सनातनी परिवारों ने सहभागिता की। उन्होंने उपस्थित लोगों को राष्ट्रहित के संकल्प दिलाए और ‘इंडिया’, ‘मम्मी’, ‘डैडी’ जैसे अंग्रेजी शब्दों को अपने व्यवहार से हटाकर ‘भारत’, ‘मां’, ‘पिता’ जैसे भारतीय शब्दों के प्रयोग पर बल दिया।
यात्रा के स्वागत और आयोजन में डॉ. दिवाकर तिवारी, ऋचा तिवारी, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, पार्षद प्रवीणा राजावत, रामशंकर तिवारी, डॉ. अनुराग शर्मा, बबिता पाठक, डॉ. आनंद राय, सुशील शर्मा, बिमल जैन, साकेत भूषण, एम.एस. चौहान, अनुज उपाध्याय, पंकज वर्मा, माता मधु, पुनीत भारद्वाज, अशोक शर्मा सहित रामायण रिसर्च काउंसिल उत्तर प्रदेश एवं सनातन रक्षा ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
निवेदक: डॉ. दिवाकर तिवारी
(कार्यक्रम संयोजक, समन्वयक – रामायण रिसर्च काउंसिल उत्तर प्रदेश, संयोजक – सनातन रक्षा ट्रस्ट, महामंत्री – राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच)
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