आगरा। नया फास्टर चेक क्लियरेंस सिस्टम लागू होने के बाद भी लोगों के चेक सेम डे तो छोड़िए दो दिन में भी क्लियर नहीं हो पा रहे हैं। आगरा की कई बैंकों में करोड़ों के रुपए के चेक फंसे पड़े हैं। लोग बैंकों में चक्कर काट रहे हैं। ये पूछने के लिए उनका चेक क्लियर हुआ या नहीं, लेकिन चेक क्लियर नहीं हो पा रहे हैं। बैंक मैनेजर उन्हें यहीं भरोसा दिला रहे हैं, कि अभी नया सिस्टम लागू हुआ है प्रोसेसिंग में है, अभी टाइम लगेगा।
हर रोज मिल रही शिकायतें
कमलानगर स्थित यूनियन बैंक के ब्रांच मैंनेजर नीरज चंद्रा ने बताया कि अभी चेक क्लियर नहीं हो पा रहे हैं. नया सिस्टम लागू हुआ है। कुछ टेक्नीकल इश्यू है। हमारे पास कुछ कंप्लेन आयीं हैं। हालांकि हम सेम डे ही चेक को लगा देते हैं। हमारी ब्रांच के स्तर से कोई पेंडेसी नहीं है। हम जैसे ही चेक बॉक्स में चेक प्राप्त होता है. उसको साथ-ही साथ लगा देते हैं। वहीं रोहता स्थित पीएनबी के मैनेजर राजीव कुमार ने बताया कि हमारे यहां ऐसी कोई कंप्लेन तो नहीं है। चेक क्लियरेंस को लेकर जो नए रूल्स लागू हुए हैं। उनका इम्प्लीमेंटेशन होने में थोड़ा समय लगेगा। नई व्यवस्था लागू होती है तो समय लगता है। वो इनिशियल फेस है हर जगह दिक्कत है। सिस्टम प्रोसीजर होने में टाइम लगता है। नई व्यवस्था को पटरी पर आने में महीने-15 दिन तो लग ही जाएंगे।
4 अक्टूबर लागू हुआ है नया फास्टर चेक क्लियरेंस सिस्टम
4 अक्टूबर से देश में नया फास्टर चेक क्लियरेंस सिस्टम लागू हो गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)द्वारा लागू की गई इस नई व्यवस्था से अब चेक क्लियर होने में 2 दिन का इंतजार नहीं करने का दावा किया गया था। नए सिस्टम को लागू करने के दौरान कहा गया था कि ग्राहक को चेक जमा करने के कुछ ही घंटे बाद पैसे खाते में मिल जाएंगे।हालांकि अभी ऐसा नहीं हो पा रहा है।
अब बैच सिस्टम खत्म
पहले चेक क्लियरेंस बैच-प्रोसेसिंग के जरिए होता था। यानी सुबह, दोपहर और शाम के समय तय थे। अगर कोई ग्राहक तय समय से पहले चेक जमा नहीं कर पाता था तो उसकी प्रोसेसिंग अगले कार्यदिवस में होती थी। इस कारण दो दिन तक इंतजार करना पड़ता था। अब यह सिस्टम पूरी तरह से बदलने का दावा किया गया था।
निरंतर क्लियरेंस से तुरंत फायदा
नए नियम के तहत चेक को दिनभर लगातार प्रोसेस किया जाएगा। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जमा किए गए चेक तुरंत स्कैन होकर क्लियरिंग हाउस को भेजे जाएंगे और भुगतान करने वाले बैंक तक पहुंच जाएंगे। इसके बाद हर घंटे बैंकों के बीच सेटलमेंट होगा।
ये होगा फायदा
-अब चेक से पैसा उसी दिन खाते में आ जाएगा
-कारोबारियों के लिए त्वरित भुगतान की सुविधा
-पूरे देश में क्लियरिंग की रफ्तार समान होगी
-सिस्टम अधिक पारदर्शी और सरल बनेगा
-चेक की स्थिति ट्रैक करना होगा आसान
पुरानी व्यवस्था से अब तक का सफर
1980 से पहले चेक क्लियरिंग में एक हफ्ता लगता था
1980 के दशक में मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन) तकनीक से समय घटकर 1-3 दिन हुआ
2008 में सीटीएस (चेक ट्रंकेशन सिस्टम) से यह समय घटकर एक दिन रह गया
अब 2025 में सिर्फ कुछ घंटों में चेक क्लियरिंग संभव होने का दावा है
दो चरणों में लागू होगा बदलाव
आरबीआई के अनुसार यह बदलाव दो चरणों में लागू होगा।
पहला चरण – 4 अक्टूबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक, जिसमें भुगतान करने वाले बैंक को शाम 7 बजे तक जवाब देना होगा।
दूसरा चरण- 3 जनवरी 2026 से, जिसमें बैंक को तीन घंटे के भीतर जवाब देना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय पर जवाब नहीं मिला तो चेक को स्वतः स्वीकृत (ऑटो अप्रूव्ड) माना जाएगा।
नया फास्टर चेक क्लियरेंस सिस्टम लागू हुआ है.अभी प्रोसेसिंग में हैं। ये व्यवस्था कस्टमर की बेहतरी के लागू की गई है।
अंकित सहगल
मैनेजर, लीड बैक ऑफिसर आगरा
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