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-श्रीराम के जयघोषों के साथ हुआ रामेश्वरम् पूजन

-अंगद-रावण संवाद ने श्रोताओं का दिल जीत लिया


आगरा। उत्तर भारत की प्रमुख श्रीरामलीला में रविवार को रामेश्वरम पूजन, सेतु बांधने वाली लीलाओं का मंचन किया गया। रामेश्वरम् पूजन और अंगद रावण संवाद की लीलाओं को दर्शकों ने भरपूर लुत्फ उठाया।


रामलीला के मुख्य मंच के दोनों ओर लगी एलईडी स्क्रीन पर दर्शकों ने मंचन को बहुत एकाग्रचित्त होकर देखा। वहीं मंच पर भी लीलओं के प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुत किये गये। सीताजी का पता लगा कर हनुमान जी राम दल में पहुंचे तो खुशी की लहर दौड़ गई। श्रीराम ने अपनी सेना को लंका पहुंचने का आदेश दिया। उसके लिए समुद्र में पुल बनाया जाना था। प्रभु श्री राम, समस्त बंदर-भालू की सेना के साथ समुद्र के किनारे आते हैं और समुद्र देव से उस पर जाने के लिए रास्ता देने के लिए विनय करते हैं। जब तीन दिन बीत जाते हैं और समुद्र देव रास्ता नहीं देते हैं। तब श्री राम क्रोधित होकर एक ही बार में समुद्र को सोख लेने के लिए धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं। तभी मंच से यह दोहा गूंज उठता है।


विनय ना मानत जलध जड़, गए तीन दिन बीति। बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय ना प्रीति।

प्रभु श्री राम के क्रोध को देखकर समुद्र देव प्रकट होते हैं और लंका पहुंचने के लिए समुद्र में जगह प्रदान कर देते हैं। श्रीराम की सेना में नल और नील नाम के दो बंदर थे, जो किसी पत्थर को छूते थे, तो वह पानी में तैरने लगते थे। दोनों बंदरों के सहयोग से पुल का निर्माण हो गया। पुल के उस पार जाने के बाद प्रभु श्री राम ने दूत के रूप में अंगद को रावण से बात करने के लिए भेजा। यह भी कहा कि यदि रावण उनकी बात नहीं मानता है तो कुछ बल प्रयोग करके भी दिखला आना। जय श्री राम का जयघोष करते हुए अंगद ने लंका में प्रवेश किया।


रावण अपने राज सिंहासन पर बैठा होता है। लंकेश से अंगद ने जब सीता को प्रभु राम को वापस करने का विनय की, तब रावण ने क्रोधित होकर कहा कि उन दोनों तपस्वियों से कह दो कि मुझसे युद्ध करें। बहुत समझाने के बाद भी रावण अंगद की बात को नहीं मानता है, तब अंगद गुस्सा होकर उस दरबार में अपना पैर जमा देते हैं और यह चुनौती देते हैं कि रावण के दरबार में जितने बलशाली योद्धा है, वे एक-एक करके आएं और उसके पैर को हिला कर दिखा दें। कोई योद्धा पैर को हिला भी नहीं सका। उसके बाद जब रावण स्वयं पैर हिलाने आया तो अंगद ने कह दिया कि मैरे पैर पकड़ने के बजाए भगवान श्रीराम के चरण पकड़ लोगे तो तुम्हारा उद्धार हो जाएगा।


मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की आरती आगरा व्यापार मंडल, लुहार गली व्यापार समिति, खाटू श्याम मंदिर जीवनी मंडी, अखिल भारती विद्यार्थी परिषद, रुद्राक्ष फाउंडेशन, श्रीनाथजी परिवार शमशाबाद, रिवाज फाउंडेशन एवं रामस्वरूप गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य ने की।इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, ताराचंद, टी.एन अग्रवाल, विजय प्रकाश गोयल, भगवानदास बंसल, नरेंद्र बंसल, मुकेश जौहरी, संजय तिवारी, विष्णु दयाल, आनंद मंगल, अंजुल बंसल, महेश चंद, अजय अग्रवाल, संजय अग्रवाल, रामांशु शर्मा, मिंटू शर्मा, मोहित गोयल, प्रकाशचंद, मनोज अग्रवाल और राहुल गौतम सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।

मैदान की लीला आज से


रामलीला के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल एवं महामंत्री राजीव अग्रवाल के अनुसार 29 सितंबर, सोमवार से मैदान की लीला का शुभारंभ हो जाएगा। मीडिया प्रभारी राहुल गौतम ने बताया सोमवार को लक्ष्मण शक्ति की लीला का मंचन किया जाएगा। रामलीला मैदान में राम-रावण के युद्ध की शुरुआत हो जाएगी। राम और रावण रथ में बैठ कर अपनी सेना के साथ युद्ध करेंगे। दोनों ओर से तीरों की बारिश होगी। घनघोर संग्राम होगा।

सुंदरकांड का पाठ आज


रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल व मंत्री राजीव अग्रवाल के अनुसार सोमवार को लक्ष्मण शक्ति की लीला होगी। इस उपलक्ष्य में श्रीराम हनुमान मंदिर पर लाला चंद्रभान साबुन वालों के शिष्य शिब्बीमल द्वारा संगीतमय सुंदरकांड का पाठ शाम चार बजे से किया जाएगा। मंदिर पर भव्य फूल बंगला सजाया जाएगा। सुंदरकांड के बाद प्रसाद वितरित होगा। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे सुंदरकांड में शामिल हों।

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