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firozabad News: सीहोर कुबेरेश्वर धाम में भगदड़, फिरोजाबाद की महिला की दर्दनाक मौत, रुद्राक्ष वितरण के दौरान के दौरान हुआ हादसा

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मृतक संगीता का फाइल फोटो

   रुद्राक्ष वितरण के दौरान मची अफरा-तफरी में संगीता की रेलिंग से टकराने से मौत

फिरोजाबाद। श्रावण मास के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित विशाल धार्मिक कार्यक्रम में रुद्राक्ष वितरण के दौरान भगदड़ मचने से फिरोजाबाद की महिला संगीता (48) की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला के परिजन गहरे सदमे में हैं और धार्मिक आयोजनों में अव्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की कमी को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।

मोहल्ला नई बस्ती की रहने वाली थी संगीता, 10 महिलाओं के साथ गई थीं यात्रा पर

फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र स्थित मोहल्ला नई बस्ती निवासी संगीता अपने ग्रुप की 10 महिलाओं के साथ 1 अगस्त को सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में चल रहे धार्मिक आयोजन में भाग लेने के लिए गई थीं। यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक श्रद्धा और आस्था से प्रेरित थी। ग्रुप में शामिल सभी महिलाएं 5 अगस्त को कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद लौटने की तैयारी कर चुकी थीं और वाहन में बैठ भी चुकी थीं।

रुद्राक्ष की सूचना पर वापस लौटीं संगीता

इसी दौरान सूचना मिली कि पंडाल में रुद्राक्ष लुटाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। संगीता को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उन्होंने अपनी साथियों से कुछ कहे बिना ही वापस पंडाल की ओर रुख कर लिया। वहां पहले से भारी भीड़ मौजूद थी। जैसे ही आयोजन स्थल से रुद्राक्ष वितरित होने लगे, भीड़ ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी।

धक्का-मुक्की में लगी गंभीर चोट, अस्पताल में मौत

भीड़ के अचानक बेकाबू हो जाने से अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान किसी ने संगीता को जोर से धक्का दिया, जिससे वह एक लोहे की रेलिंग से टकरा गईं। सिर में गंभीर चोट लगने से वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। उपस्थित लोगों ने तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रात में पहुंचा शव, मोहल्ले में छाया मातम

घटना की सूचना मिलते ही संगीता के परिजन सीहोर के लिए रवाना हुए। 6 अगस्त को शव लेकर परिजन फिरोजाबाद लौटे, जहां देर रात उनका अंतिम संस्कार किया गया। संगीता की असमय मृत्यु से नई बस्ती मोहल्ले में शोक की लहर फैल गई। महिला के पति और बच्चे बार-बार यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर प्रशासन और आयोजन समिति ने भीड़ नियंत्रण के इंतजाम क्यों नहीं किए?

परिजनों का आरोप आयोजकों की लापरवाही से गई जान

परिजनों ने धार्मिक आयोजन में भारी भीड़ के बावजूद प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि पंडाल में प्रवेश और निकास की समुचित व्यवस्था होती, यदि पुलिस और सुरक्षा कर्मी वहां मौजूद होते, तो शायद यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।

धार्मिक आयोजन में हर साल उमड़ती है भीड़

गौरतलब है कि कुबेरेश्वर धाम, सीहोर में हर साल श्रावण माह में लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इस दौरान आयोजक कई धार्मिक अनुष्ठान, रुद्राक्ष वितरण और रुद्राभिषेक जैसे कार्यक्रम कराते हैं। बावजूद इसके, भीड़ नियंत्रण की ठोस व्यवस्था नहीं होना प्रशासन की निष्क्रियता और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

आखिरी सवाल क्या अब भी जागेगा प्रशासन?

संगीता की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की कोई अहमियत नहीं है? क्या आस्था के नाम पर भीड़ में जान गंवाना अब सामान्य बात मानी जाएगी? परिजन इस मामले में जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है।

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