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टूडे। न्यूजट्रैक। यूपी। हिन्दी। समाचार

यमुना में स्नान करते समय चार बच्चे डूबे, दो लापता ग्रामीणों और पुलिस की खोजबीन जारी

 बकरी चराने गए थे जंगल, घाट पर नहाते वक्त हुआ हादसा

 चाचा-चाची ने दो बच्चों को बचाया, दो की तलाश जारी

 डूबने वाले बच्चों में एक की मां नहीं, दूसरे का भाई पहले भी डूब चुका है

आगरा: रविवार की सुबह आगरा के रुनकता क्षेत्र में उस समय मातम छा गया जब यमुना नदी में नहाते समय चार बच्चे डूब गए। इनमें से दो बच्चों को लकड़ी बीन रहे चाचा-चाची ने बहादुरी दिखाते हुए बचा लिया, जबकि दो अन्य बच्चे अब तक लापता हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और पीएसी की मोटरबोट के साथ सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया, लेकिन देर शाम तक लापता बच्चों का कोई सुराग नहीं लग पाया था।

Agra News:Four children drowned while bathing in Yamuna, two missing - search continues by villagers and police
बच्चों की तलाश में जुटी एसडीआरएफ की टीम
हादसे के बाद मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़

बकरी चराने गए थे जंगल

घटना रुनकता क्षेत्र के गांव अकबरा के नगला सपेरा की है। यहां रहने वाले सगे भाई शिशुपाल और प्रेम सिंह के बच्चे रविवार सुबह अपने दो साथियों के साथ गांव के पास मांगरोल के जंगल में बकरी चराने गए थे। शिशुपाल का 10 वर्षीय बेटा सुरजीत और प्रेम सिंह का 14 वर्षीय बेटा अरुण कुमार उर्फ अन्नू अपने दो साथियों सोनू और वर्षा के साथ जंगल पहुंचे। सुबह करीब 11 बजे चारों बच्चे यमुना नदी के पश्चिम माई घाट पर नहाने चले गए।

चीखें सुनकर दौड़े चाचा-चाची

नहाने के दौरान अचानक पानी गहरा हो गया और चारों बच्चे डूबने लगे। बच्चों की चीखें सुनकर पास ही लकड़ी बीन रही सुरजीत की चाची मीना देवी और चाचा राजकुमार तुरंत दौड़े और नदी में कूद गए। उन्होंने सोनू और वर्षा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन जब तक वे सुरजीत और अन्नू को बचाने पहुंचे, तब तक दोनों बच्चे गहरे पानी में समा चुके थे।

प्रशासन मौके पर, तलाशी अभियान जारी

हादसे की सूचना पर स्थानीय ग्रामीण, नदी किनारे आश्रम के साधु और कई तैराक युवक मौके पर पहुंचे और बच्चों की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच डीसीपी सिटी सोनम कुमार और एसीपी हरीपर्वत विनायक भोसले पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे बाद PAC की दो मोटरबोट भी मौके पर पहुंचीं और कांटों के जरिए बच्चों को तलाशा गया। देर शाम तक तलाशी अभियान जारी रहा लेकिन दोनों बच्चों का कोई पता नहीं चल पाया था।

घरों में पसरा मातम

हादसे के बाद से दोनों बच्चों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। स्वजन लगातार नदी किनारे डटे रहे और अपने बच्चों की सलामती की दुआ करते रहे। ग्रामीणों ने किसी तरह परिजनों को ढांढस बंधाया और उन्हें घर लेकर गए।

पहले भी डूब चुका है मासूम भाई

डूबे बच्चों में से सुरजीत अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। उसके चार बहनें हैं। गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ने वाला सुरजीत सात वर्ष पहले एक और पारिवारिक त्रासदी का गवाह बना था जब उसका छोटा भाई मनजीत घर में रखे पानी से भरे टब में डूबकर चल बसा था। पिता शिशुपाल रोजी-रोटी के लिए असम में मजदूरी करते हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद वे तुरंत घर के लिए रवाना हो गए हैं।

मां के बिना पला अन्नू भी लापता

वहीं 14 वर्षीय अन्नू (अरुण कुमार) छह भाईयों में दूसरे नंबर पर है और कक्षा सात का छात्र है। उसकी मां की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। पिता प्रेम सिंह मजदूरी करते हैं और बच्चों की परवरिश अकेले ही कर रहे हैं।

पुलिस की अपील नदी किनारे जाने से बचें

सिकंदरा थाने के इंस्पेक्टर नीरज शर्मा ने बताया कि मानसून के चलते यमुना का जलस्तर बढ़ा हुआ है और बहाव तेज है। पुलिस द्वारा लगातार लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि वे नदी के किनारे न जाएं। उन्होंने आमजन से अपील की कि बरसात के मौसम में किसी भी तरह का जोखिम न लें और बच्चों को विशेष रूप से नजर में रखें।


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